शनिवार, 22 जुलाई 2017

अवसरवाद

लघुव्यंग्य


भीड़-भरी बस में चढ़ते हुए लोग- ‘पहले चढ़ने दो भई, जानते नहीं चढ़ना कितना ज़रुरी है !?’

भीड़-भरी बस से उतरते हुए लोग- ‘पहले उतरने दो भई, हम उतरेंगे नही तो आप चढ़ोगे कैसे !?’


-संजय ग्रोवर
22-07-2017



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